जपते जाना हरि नाम राम राम
जपते जाना हरि नाम राम राम
गाते जाना हरि नाम राम राम
जपते जाना हरि नाम राम राम
लगे लगन सुबह शाम
सुख या दुख हो उसकी मर्जी
गाना सीता राम राम राम राम।।
जपते जाना हरि नाम राम राम
गाते जाना हरि नाम राम राम
जपते जाना हरि नाम राम राम
लगे लगन सुबह शाम
सुख या दुख हो उसकी मर्जी
गाना सीता राम राम राम राम।।
मीठा सा संदेश
मीरा ने दिया जग को भाई
कैसी भी हो विपत्ति
उसकी शुद्ध नहीं बिसरयी।।
प्रभु को गया छूटी माया
पाए सुख के धाम राम राम राम
जपते जन हरि नाम राम राम राम।।
जाने कितनी ये कथाए
बस यही हमको समझाए
है अगर आनंद मिलता है
राम धुन में जब खो जाए
मोह जग का छोड़ कर
बस मन कहे श्री राम श्री राम।।
जपते जाना हरि नाम राम
जपते जाना हरि नाम राम।।
संतो की वाणी हम
हरदम हम यही सिखलती है
सीधी सी है बात भाई
माया किसकी होती है।।
राम भी है अपने और बस
राम जीना राम राम राम।।
जपते जाना हरि नाम राम राम राम
लगे लगन सुबह शाम
सुख या दुख हो उसकी मर्जी
गण सीता राम राम राम।।
जपते जाना हरि नाम राम राम राम
जपते जाना हरि नाम राम राम राम।।
