मन में बसे है दो ही नाम सीताराम सीताराम

  • Man Mein Base Hai Do Hi Naam Sitaram Sitaram

मन में बसे है
दो ही नाम सीताराम सीताराम

पूछो मेरे तन मन से
बँधे हो प्रीत के बंधन से

प्राण हो तेरी दृष्टि में
भूल नही हो अँखियाँ से

देव पुरुष में तेरा नाम
सीताराम सीताराम

मन में बसे है दो ही नाम
सीताराम सीताराम

झूठे तन को जोड़ दिया
टूटे मन को जोड़ दिया

इतनी ताक़त जाग छोड़ दिया
सबसे नाता तोड़ दिया
मुझको है बस तुमसे काम
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम

मन में बसे है दो ही नाम
सीताराम सीताराम

हो सकता है कोई ऐसा
कौन है दूजा तेरे जैसा

मैं जानू की तू है कैसे
जैसा गुण है रूप है वैसा

तुझको सुमीरू आठो याम
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम

मन में बसे है दो ही नाम
सीताराम सीताराम

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