अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे
होटो पे राम होरे होटो पे श्याम रे
और बगल में दो धारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
होटो राम हरे होटो पे श्याम रे
और बगल में दो धारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
गंगा भी नहया रे और जमुना भी नहया रे
मन की ना मेल उतरी रे
अब तो ऐसे है गंगा के पुजारी रे।।
अब तो ऐसे है श्याम के पुजारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
एक दिया रे और पांच लिया रे
एक दिया रे और पांच लिया रे
समझे ना किसी की लचारी रे।।
अब तो ऐसे है श्याम के पुजारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
उसका ही खाया और उसको ही खोया रे
उसका ही खाया और उसको ही खोया रे
कैसा बना तू ऐ अपारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
झूठी भक्ति करते करते
उमर गुजर गई सारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
होते पे राम होरे होते पे श्याम रे
होरे बगल में दो धारी रे
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे।।
अब तो ऐसे है राम के पुजारी रे
अब तो ऐसे है श्याम के पुजारी रे
