भव से सीता मैया उबारो री
भव से सीता मैया उबरो री
भव से सीता मैया उबरो री
उबरोरी उबरोरी उबरोरी उबरोरी
भव से सीता मैया उबरोरी।।
तेरे बालक तेरे सेवक
विनती करे है कष्ट निवारो
भव से सीता मैया उबरोरी।।
उबरोरी उबरोरी उबरोरी उबरोरी
भव से सीता मैया उबरोरी।।
सबसे सुन्दर माँ की मूरत
नैनो सो सौ सौ बार निहारो
भव से सीता मैया उबरोरी।।
उबरोरी उबरोरी उबरोरी उबरोरी
भव से सीता मैया उबरोरी।।
रूप बदल उन युगो में आयी
इस युग में भी आन पधारो
भव से सीता मैया उबरोरी।।
उबरोरी उबरोरी उबरोरी उबरोरी
भव से सीता मैया उबरोरी।।
ममता के आँचल में रखना
दास की है ये विनती स्वीकारो
भव से सीता मैया उबरोरी।।
उबरोरी उबरोरी उबरोरी उबरोरी
भव से सीता मैया उबरोरी।।


