हे राम सुनलो मेरी पुकार

  • He Ram Sunlo Meri Pukar

हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ

हे राम सुनलो मेरी पुकार,
मन में छुपा है कितना भार,
हँसता चेहरा अंदर रोता,
कौन समझे ये दुःख अपार।

दुनिया ने मुझको क्या समझा,
मैं खुद को भी भूल गया,
राह दिखाई सबने मुझको,
पर मैं खुद से दूर गया,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

हे रघुनन्दन,
मेरे स्वामी, क्यों ये जीवन कठिन हुआ,
सपनों का जो घर सजाया,
पल में हीं वो भंग हुआ,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

अपनों ने हीं साथ छोड़ा, परछाई भी दूर गई,
तेरे सिवा अब कौन सहारा, हर उम्मीद भी चूर गई,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

मैंने तो बस प्यार हीं चाहा,
ना किसी का दिल दुखाया,
फिर भी क्यों ये दर्द मिला है,
कर्मों ने क्या रंग दिखाया है,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

हे राम तुम तो अंतर्यामी,
मेरे मन की जानो बात,
शब्दों से जो कह ना पाया,
आँखों से वो बहती बात,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

और इस भजन को भी देखें: ये चमक ये दमक सब कुछ सरकार तुम्हई से है

थक गया हूँ चलते चलते, अब तो थोड़ा विश्राम दो,
अपने चरणों में बिठा लो, जीवन को तुम नाम दो,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

गलतियां मेरी क्षमा कर देना, मैं भी तेरा हीं अंश हूँ,
भटक गया इस माया में मैं, अब तेरे हीं संग हूँ,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

जब जब मन ये टूटे मेरा, नाम तेरा हीं याद आये,
राम कहूं तो शांति मिले , हर पीड़ा भी दूर हो जाए,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।

अंत समय जब आँखे बंद हो, बस तेरा हीं ध्यान रहे,
तेरे चरणों में सिर रखकर, मेरा जीवन धन्य रहे,
हे राम सुनलो मेरी पुकार।


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