तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम हो मेरे अलबेले राम

  • Teri Marji Ka Main Hu Gulaam Ho Mere Albele Ram

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

गायक: देवेंद्र पाठक

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

जो जो कराले तुमपर न्योछावर
दे दे सजा या इनाम
हो मेरे अलबेले राम।।

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

हार चुका अपनी अक्कल लड़ा कर
ठक भी चुका अपनी बुद्धि लगाकार
अपना संभलो इंतज़ाम
हो मेरे अलबेले राम।।

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

तेरी ही ख्वाहिश मेरी जिंदगी हो
तेरा ही दर्शन मेरी जिंदगी हो
तुम बिन हो सब कुछ हराम
हो मेरे अलबेले राम।।

तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम
हो मेरे अलबेले राम।।

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