रामायण दोहवली – एक भरोसा एक बाल एक आस विश्वास
एक भरोसा एक बाल
एक आस विश्वास
स्वाती बूँद रघुराज है
चटक तुलसी दास
सिंगर – सुरेश वाडकर, सीमा मिश्रा
एक भरोसा एक बाल
एक आस विश्वास
स्वाती बूँद रघुराज है
चटक तुलसी दास
राम नाम के लेट ही
सकल ताप काट जाए
जैसे रवि के उदय
से अंधकार मिट जाए
जय जय राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
राम राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
राम राम सिया राम
लूट सके तो लूट ले
राम नाम की लूट
पाच्चे फिर पचहत्ौगे
प्राण जाएँगे छ्छूट
राम नाम रटते रहो
जबतक घाट में प्राण
कबाहु तो दीं दयाल के
भनक पड़ेगी कान
जय जय राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
राम राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
जय जय राम सिया राम
राम राम सिया राम
तुलसी इस जग आके
कर लीजिए दो काम
देने को दुखड़ा भला
लेने को हरिनाम
तुलसी या संसार में
पाँच रतन है साथ
साधु मिलन और प्रभु भजन
दया दान उपवाश
मृग नाभि कस्तूरी बसे
भटकत जंगल वो
राम बसत सबके हरदे
पर समझे नही कोई
तुलसी नर का क्या बड़ा
समय बड़ा बलवान
भीला लूटी गोपिया
वही अरूजून है वही बान
दया धरम का मूल है
पाप मूल अभिमान
तुलसी दया ना छोड़िये
जब तक घट में प्राण
