तुमसे मिलना बातें करना
तुमसे मिलना बातें करना !
मोहन तुमसे मिलना बातें करना, बड़ा अच्छा लगता है,
सुनो कान्हा तुम्हारी याद में रोना, बड़ा अच्छा लगता है,
यमुना की तट पर कदम्ब की छाँव में, तुम्हें निहारूं रहूं तेरे पाँव में,
मुरली की तानों पे ढलना और संवरना, बड़ा अच्छा लगता है,
सुनो गिरधारी तुम्हारी याद में रोना, बड़ा अच्छा लगता है।
लोग कहें बावरी, मैं कहूं प्रेम दीवानी,
तेरे हीं नाम लिख दी, मैंने अपनी ये कहानी ,
श्याम तेरी भक्ति में जीना और मरना, बड़ा अच्छा लगता है,
सुनो कान्हा तुम्हारी याद में रोना, बड़ा अच्छा लगता है।
और इस भजन को भी देखें: एक बार बरसाने में तू आ के देख ले
नैनो में बसे हो तुम, साँसों में समाये हो,
बड़े दूर से कान्हा, मेरे मन में आये हो,
राधा का बस एक तुमपे हीं मरना, बड़ा अच्छा लगता है,
सुनो गिरधारी तुम्हारी याद में रोना, बड़ा अच्छा लगता है,
मोहन तुमसे मिलना बाते करना, बड़ा अच्छा लगता है,
सुनों कान्हा तुम्हारी याद में रोना, बड़ा अच्छा लगता है।


