शनिवार को प्रगट हुए और पूजा मंगलवारी
जय जय हनुमान
राम भक्त हनुमान की
लीला सुनो नर नारी।।
शनिवार को प्रगट हुए
और पूजा मंगलवारी।।
शनिवार को प्रगट हुए
और पूजा मंगल वारि
ओ पवन पुत्र शिव के अवतार
केसरी नंदन अजानी महतारी
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
ओ पवन पुत्र शिव के अवतार
केसरी नंदन अजानी महतारी
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
हो नारद तप से इंद्र घबराय
काम देव को इंद्र समझौता
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
हो काम देव को ऋषि धीर बंधनी
हरि से नारद कारी रे बदायिक
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
हो गर्व मिटाने हरि स्वंवर रचना
हरि से नारद हरि रूप अपना
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
ओ नारद का हरि रूप बनाया
हरि को ऋषि तब श्राप सुनय
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
हो बंदर को करज सारी
मृत्यु लोक अब बानो अवतारी
राम सिया राम बोलो जय जय हनुमान।।
