मेरे बाबा की ज्योत जले झील मिल झील मिल पवन करे
मनोजवं मारुत तुल्य वेगम
जितेन्द्रियं बुद्धिमहातम वरिश्टम
वतातनिजाम वानर युध मुकातम
श्री राम दुतम शरणं प्रपादयई।।
मेरे बाबा की ज्योत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की ज्योत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की ज्योत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
कनक सिंघासन आप विराजे
कनक सिंघासन आप विराजे
फिर सोने का मुकुट धरे
झील मिल झील मिल पवन करे
फिर सोने का मुकुट धरे
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की ज्योत जले
झील मिल पवन करे
बाबा के माथे पे तिलक सजीला
बाबा के माथे पे तिलक सजीला
कानन कुंडल साज़ रहे
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल पवन करे
डाए हाथ से देते वार है
डाए हाथ से देते वार है
बाए हाथ मे गाड़ा धरे
बाए हाथ मे गाड़ा धरे
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
हाथो मे कंगना पैरो मे पायल
हाथो मे कंगना पैरो मे पायल
मुख से राम का भजन करे
झील मिल झील मिल पावन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पावन करे
आए है देव मानने इनको
आए है देव मानने इनको
ध्वजा नारियल पान चढ़े
द्वाजा नारियल पान चढ़े
झील मिल झील मिल पावन करे।।
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पावन करे
गोपी भी आई शरण मे बाबा
हम सब भी आए शरण मे बाबा
गोपी भी आई शरण मे बाबा
हम सब भी आए शरण मे बाबा
चरण शरण की आस लिए
झील मिल झील मिल पवन करे
चरण शरण की आस लिए
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पवन करे
मेरे बाबा की जोत जले
झील मिल झील मिल पवन करे।।
