बजरंग बलि का दीवाना बजरंग की महिमा गाता हू
भक्ति में जिनकी राम सदा
धुन में उनकी खो जाता हूँ
बजरंग बलि का दीवाना
बजरंग की महिमा गाता हूँ।।
भक्ति में जिनकी राम सदा
धुन में उनकी खो जाता हुआ
बजरंग बली का दीवाना
बजरंग की महिमा गाता हुआ
भक्ति में जिनकी राम सदा
धुन में उनकी खो जाता हूँ
बजरंग बली का दीवाना
बजरंग की महिमा गाता हूँ
बजरंग के द्वारे आने से
संकट पल में काट जाते हैं
भक्तो की डूबी नैय्या को
ये बाला पर लगते हैं
बड़ी को बना है पल में
जो द्वार तुम्हारे आता है
बजरंग बली का जयकारा
मेहंदीपुर में जो लगता है
भक्ति में जिन्की राम सदा
रघुवर के काज सवर्णे को
लंका को तुमने जलया था
जब रूप धारा कर भीमा का
असुरो को मार भाग्य था
तेरी शक्ति को देख तबी
रावण का दिल घबराया था
लक्ष्मण के प्राण बचाने को
संजीवनी बूटी लाया था
भक्ति में जिन्की राम सदा
श्री राम भक्त अंजनी सूत का
जो ध्यान हमशा लगते हैं
तेरी भक्ति में हे रघुवर
हम बाला दर्शन पाते हैं
तेरे रोम में राम राम
तेरे रोम में राम राम
मुख्य निट शीश झुकाता हूँ
गुण गान तुम्हारे गाता हूँ
चोल सिंदूर चदता हूँ
भक्ति में जिन्की राम सदा
भक्ति में जिनकी राम सदा
धुन में उनकी खो जाता हूँ
बजरंग बली का दीवाना
बजरंग की महिमा गाता हूँ
