रामदूत शंकर सुवन तुम बल बुद्धि निधान

  • Ram Doot Shankar Suvan Tum Bal Buddhi Nidhan

रामदूत शंकर सुवन तुम बल बुद्धि निधान
शत शत नमन है आपको पवन पुत्र हनुमान महावीर

तुम अंजना के लड़ले महाबली महावीर
हे बंजारंगी आप हो धीर वीर गंभीर

केसरी नंदन आपको हाथ जोड़ प्रणाम
आप ह्रदय में बस रहे
सिया संग श्री राम महावीर

सुबाह सवेरे जो जप बजरंगी का नाम
मिट जाए बढ़ा सभी सारे बड़े काम
महावीर सारे बड़े काम

इनके आगे मौन है ज्ञान और विज्ञान
निगल गए आदित्य को कोई मधुर फल जान

आस्था सिद्धि और नव निधि तुम कर सकते हैं दान
सीता माँ ने दे दिया तुमको ये वरदान

मेघनाथ की शक्ति से हो गए लखन अच्छे
बूटी लेने तुम गए लाए गिरी समेट महावीर
लाए गिरी समेटो

तीन लोक नौ खंड में नहीं तुमसा बलवान
लंघ गए सिंधु हुआ जो शक्ति का ज्ञान
महावीर जो शक्ति का ज्ञान

ज्योत जगे पवन जहां होता ज्ञान प्रकाश
उस घर ना फटके कभी भूत और प्रेत पिसाच

राम काज के वास्ते रहते सदा अधीर
प्रिय भारत संग तुम मुझे बोले ये रघुवीर

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