बाला जी के चरणों में ठिकाना राखियो
चारनो के मां बाला जी ठिकाना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
गायक – पवन दांगी
बाला जी के चरणों में ठिकाना राखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
मेहंदीपुर में शक्ति तेरी
रंग लावेगी बालाजी।।
मेरी आत्मा मरते दम तक गुन गावेगी बालाजी
मन मंदिर में रूप पुराण रखियो ।।
चारनो के ममा बाला जी ठिकाना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
मन मंदिर में रूप वो पुराना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो
चरणो के मां।।
बुद्धि हीन तनु जान के
सुमिरो पवन कुमारजी
सुमिरो पवन कुमारजी।।
सद बुद्धि और ज्ञान दियो
मोरे हरलो सब विकार जी।।
पगगी का यूही बाबा तडपना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
चारनो के मां बाला जी ठिकाना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
मंगल के दिन अपने भगत की
सेवा को स्वीकार करो।।
एक छोटी मेरी झोपड़ी
दर्शन दे उपकार करो।।
म्हारी चौपदी में चूरमे का खाना राखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
तू मेरा मैं तेरा बालाजी
और मुझे अब क्या लेना
छोटी मोती गलती हो तो
सेवक को समझा देना।।
सौ परत की डूबा प्रति
युही गण राखियो गण राखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना।।
चारनो के ममा बाला जी ठिकाना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
बाला जी के चरणों में ठिकाना राखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।
चारनो के ममा बाला जी ठिकाना रखियो
सेवक के घर बाबा आना जाना राखियो।।


