बाबा जान बचाले हो मेरे चारो और अंधेरा

  • Baba Jaan Bachale Ho Mere Charo Aur Andhera

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा ।।

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा है ।।

बड़े घरा की बेटू सू
कैसे घर में ब्याही।।

सुसरा मेरा यू बोले
बहू कुलक्षनि आई।।

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा।।

बलमा मेरा दारू पीक
दीते फाड़ बितावे।।

नंदन भूंदे मेरे
उपर हुकाँ चलावे ।।

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा।।

सास ने मेरे हाथ पकड़ के
घर के बाहर करदी।।

हो म्हरी देवर ने बाबा
सारी पसली दुखे।।

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा।।

नन्ही से या जान पड़े
मेरे कोख में कीट ले जाऊं।।

राज मेहर ने साद बुद्धि
ना तो मैं मार जाऊं।।

बाबा जान बचाले हो
मेरे चारो और अंधेरा।।

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