बंधे हैं तुझसे मेरी रूह के धागे
माँ…
ओ ओ माँ…
मेरी माँ…
जब दुनिया ने ठुकराया, तू हीं तो थी माँ,
आज फिर तेरे दर पे आया हूँ।
बंधे हैं तुझसे मेरी रूह के धागे,
तेरे बिना माँ सब सुने हैं रास्ते,
तेरी गोद में मिलती है राहत, तेरे नाम में मेरी हर इबादत,
आ आ आ आ…
आ आ आ आ…
साँसों में तू धड़कन में तू, मेरी हर कमी में भी बसती तू ,
जय माँ दुर्गे, जय माँ भवानी,
तेरे बिना सुनी मेरी कहानी,
बंधन ये रूह का टूटे ना कभी,
तेरे नाम से ही मेरी जिंदगानी,
माँ सुन रही है ना तू, मैं थक गया हूँ,
अब बस तेरे हवाले।
अंधेरो में भी तेरा हीं उजाला,
हर आंसू में तेरा हीं सहारा,
जब भी टुटा इस जीवन के मोड़ पे,
तेरे नाम ने फिर से पुकारा,
जय माँ दुर्गे जय माँ भवानी,
तेरे बिना सुनी मेरी कहानी,
बंधन ये रूह का टूटे ना कभी,
तेरे नाम से हीं मेरी जिंदगानी।
आ आ आ आ…
आ आ आ आ…
जय जय जय माँ, अम्बे भवानी
जय जय जय माँ,
जय जय जय माँ,
क्या मैं लायक हूँ तेरे प्यार की,
इतनी गलतियों के बाद भी तुम मुझे अपनाये रखती है।
और इस भजन से भी आनंदिर हों: तेरे मंदिरों की शान निराली
अब ना चाहूँ कोई और सहारा,
तेरे सिवा ना कोई हमारा,
तेरी कृपा से साँसे चले ये,
तेरे बिना सबकुछ है अधूरा,
जय माँ दुर्गे, जय माँ दुर्गे,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
तेरे बिना सुनी मेरी कहानी, मेरी कहानी,
बंधन ये रूह का टूटे ना कभी, टूटे ना,
तेरे नाम से ही जिंदगानी,
हो ओ ओ ओ..
जय माँ दुर्गे, जय माँ भवानी
जय माँ दुर्गे, जय माँ जय माँ, अंबे भवानी
जय माँ दुर्गे, जय माँ दुर्गे,
जय माँ दुर्गे, जय माँ दुर्गे,
बंधे हैं तुझसे मेरी रूह के धागे,
माँ अब मैं तेरे हीं संग हूँ।
