मेरा सब कुछ है तू बजरंगी
कोई ना साथी है कोई ना संगी,
मेरा सब कुछ है तू बजरंगी,
तेरे सहारे है जीवन की नैया,
पार लगा दे बजरंगी खिवैया ,
पार लगा दे बजरंगी खिवैया ।।
प्रेम से बोलो जय श्री राम,
प्रेम से बोलो जय हनुमान,
प्रेम से बोलो जय हनुमान,
प्रेम से बोलो जय श्री राम।।
भक्तजनों के तुम हो प्यारे,
मन्नत पूरी करते हो हमारे,
रोजना लेने से तेरा नाम,
बन जाते हैं बिगड़े काम,
लागे न साढ़ेसाती और ढैया,
पार लगा दे बजरंगी खिवैया ।।
प्रेम से बोलो जय श्री राम,
प्रेम से बोलो जय हनुमान,
प्रेम से बोलो जय हनुमान,
प्रेम से बोलो जय श्री राम।।
तेरे दर के सिवा कहाँ मैं जाउँ,
तेरी भक्ति से श्रीराम को पाऊँ,
देखो मुस्कुरा रही सीता मैया,
पार लगा दे बजरंगी खिवैया ,
पार लगा दे बजरंगी खिवैया ।।
