हर फूल में तेरी खुशबू हर ज्योत में तेरा नूर
माँ…
माँ… माँ… माँ…
कहाँ ढूंढू तुझे माँ,
मंदिरों में या अपने दिल में,
या तू हर जगह है।
हर फूल में तेरी खुशबू, हर ज्योत में तेरा नूर,
हर धड़कन में बसती हो माँ, तू हीं मेरा सुरूर,
हर राह पे तेरा साया, हर दर्द में तेरा नाम,
तेरे बिना ये जीवन माँ, जैसे अधूरा हर काम,
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरी हीं शरण में मेरा जहां,
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तू हीं है रौशनी, तू आसमान,
माँ…
माँ जब अँधेरा घिर आया था,
जब अपने भी पराये लगे,
तब तेरी याद हीं सहारा बनी।
तेरे नाम का दीप जले, तू हीं हर उजियारा,
तेरे शरणों में सर झुकाऊं, तू हीं मेरा सहारा,
तेरी ममता के छांव तले, हर डर दूर हो जाए,
तेरी कृपा की एक झलक से जीवन संवर जाए।
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरी हीं शरण में मेरा जहां,
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तू हीं है रौशनी, तू आसमान,
तू हीं गंगा तू हीं यमुना तू ही हर धारा,
तू हीं जीवन तू हीं मरण तू हीं है सहारा,
तेरी माया से ये जग सारा, तेरी लीला अपार,
तू हीं आदि तू हीं अंत है, तू हीं संसार,
माँ अब कुछ नहीं चाहिए,
ना धन ना नाम, ना संसार,
बस तेरा साथ।
और इस भजन को भी देखें: क्यों नही रीझेगीे मेरी माँ क्यों नही मानेगी मेरी माँ
तेरे चरणों की धुल भी मेरे भाग्य का श्रृंगार,
तेरे दर्शन की एक झलक कर दे जीवन साकार,
तेरी भक्ति में खो जाऊं, तेरा नाम हीं जपूं,
हर जन्म में माँ बस तुझे, अपने पास हीं पाऊं,
जय माता दी, जय माता दी-०२
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरी हीं शरण में मेरा जहाँ,
जय अंबे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तू हीं है रौशनी, तू आसमान,
हर सांस में तेरा नाम रहे, हर पल तेरा ध्यान,
तेरे चरणों में बीते माँ मेरा हर एक प्राण।
माँ अब डर नहीं लगता
क्योंकि तुम मेरा साथ है।
माँ…
माँ…
माँ…
