हनुमान जैसा कोई ना बजरंगी जैसा कोई ना
हनुमान जैसा कोई ना
बजरंगी जैसा कोई ना।।
सोमवार से रविवार
बालाजी दे खुशिया दे हजार
जनम जन्म के दुख कटजाते
सर को झुके एक बार।।
गायक – पंकज कटारिया
हनुमान जैसा कोई ना
बजरंगी जैसा कोई ना।।
जय जय श्री राम
जय जय श्री राम।।
राम भरोसे बैठा जोभी
बाबा उसका सहारा।।
राम नाम का जापकारे करे
वो बाबा का जो प्यारा है ।।
भक्त की हरदुम लाज राखे
दुख के कटे फंदे।।
हनुमान जैसा कोई ना
बजरंगी जैसा कोई ना।।
हाथ थमले बजरंग जिसका
बाल ना बनका होता।।
नज़र में इसकी जो भी आता
कभी ना फिर वो रोटा।।
राम का हरदुम नाम जपे जो
भक्तो को पार लगता।।
हनुमान जैसा कोई ना
बजरंगी जैसा कोई ना।।
सोमवार से रविवार
बालाजी दे खुशिया दे हजार
जनम जन्म के दुख कटजाते
सर को झुके एक बार।।
हनुमान जैसा कोई ना
बजरंगी जैसा कोई ना।।
