हे बजरंगी चुनरिया तेरे रंग में रंगी
हे बजरंगी बजरंगी चुनरिया
तेरे रंग में रंगी
तुम हो राम नाम सत्संगी
तुम से बड़ा ना कोई जंगी ।।
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गया भूतो में
मुझे दिलवा दो छुटकारा
फ़स गया भूतो में।।
हे बजरंगी बजरंगी चादारिया
तेरे रंग में रंगी।।
तुम हो राम नाम सत्संगी
तुम से बड़ा ना कोई जंगी।।
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गया भूतो में
मुझे दिलवा दो छुटकारा
बस गया भूतो में।।
मैं हारा मैं हारा
सायने माल चाट गये सारा।।
मुझको दे दो आप सहारा
मुश्किल पाया तेरा द्वारा।।
मेरा बेड़ा पार उतरो
बस गया भूतो में
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गया भूतो में।।
जय हो बजरंगी जय हो बजरंगी
जय हो बजरंगी जय हो बजरंगी।।
धुख पाए दुख पाए
धने बहुत बार लगवाए
मैने ताबीज़ बनवाए
काई काई मुल्लाजी आज़माए।।
मैं बनके फिरू बीचरो
बस गया भूतो में।।
मुझे दिलवा दो छुटकारा
बस गया भूतो में।।
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गया भूतो में
मुझे दिलवा दो छुटकारा
बस गया भूतो में
मैं ध्यायू तेरे द्वार बार बार आओ
अर्जी बाराँ बार लगाओ।।
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गयो भूतो में
मुझे दिलवा दो छुटकारा
बस गयो भूतो में।।
जय हो बालाजी महाराज
जय हो बालाजी महाराज।।
दुख हारते दुख हारते बजरंग
तुम्ही मंगल करते
झोली कमाल सिंग की भरते
तेरा दुख में नाम पुकारे
बस गयो भूतो में।।
मुझे दिलवा दो छुटकारा
बस गयो भूतो में
ज़रा ज़ोर से सोता मरो
बस गयो भूतो में।।
हे बजरंगी बजरंगी चुनरिया
तेरे रंग में रंगी।।
