ज्वाला पूरी में भवन बनाया आओ मेरी ही नगरियां ओह बाला जी
ज्वाला पूरी में भवन बनाया
आओ मेरी ही नगरियां
ओह बाला जी ओह बाला जी ।।
तेरी ज्योत जगे मंदिर में सुबह शाम हो,
तेरे दिखे भवन में शामी सीता राम हो,
मंदिर अंदर पीपल राजा खूब रात चरिया।।
तेरे सेवा में रहे तेरा अवतार योगी,
तेरी दया से ठीक हो सारे रोगी जी,
सजा लंगोटा तेरा बाबा आओ बन केसरिया।।
जब हॉवे आरती सब के छींटा लागे गा,
भुत प्रेत का साया पल में भागे गा,
तेरी शरण में भगत तुम्हारे पैरो में नजरिया।।
तेरी लावे चोंकि राम अवतार रोहणी में,
समशेर वर्मा दीदार करे तेरा रोहणी में
कप्तान शर्मा तेरी याद में बीत रही उमरिया।।
बाबा के डर पे जो भी अरजी लगता है
कट जाए संकट फिर वो मौज उड़ता है
बालाजी किस्मत देते हैं बादल सितारे।।
मेहंदीपुर में तो देखे अजब नज़ारे
सालासर में तो देखे अजब नज़ारे।।
भीम सेन आजा प्यारे तू भी दरबार में
बाला सा देव नहीं और संसार में
जो चाहें वो लेलो यहां खुले पड़े भंडारे
मेहंदीपुर में तो देखे अजब नज़ारे
सालासर में तो देखे अजब नज़ारे।।
