मां अंजनी के लाल तूं करता कमाल है
मां अंजनी के लाल तूं,करता कमाल है,
तेरी मिशाल क्या कहूं, तूं बेमिसाल है।।
वीरो में महावीर हो,बालियों में हो बली,
ना तेरे आगे दाल कभी,कपटी की गली,
जो आ गया शरण में तूं रखता खयाल है,
तेरी मिशाल क्या कहूं, तूं बेमिसाल है।।
पर्वत उठा के आ गए जो बूटी ना मिली,
होती है तेरे नाम की चर्चा गली गली,
भक्तों का रखवाला तूं दुष्टों का काल है,
तेरी मिशाल क्या कहूं, तूं बेमिसाल है।।
भक्तों की तुम जगाते हो तकदीर जो सोई,
मंगल शनि के दिन तेरी पूजा करे कोई,
उसका नही हो सकता कभी बांका बाल है,
तेरी मिशाल क्या कहूं, तूं बेमिसाल है।।
मां अंजनी के लाल तूं,करता कमाल है,
तेरी मिशाल क्या कहूं, तूं बेमिसाल है।।

