राम रसिया
राम रसिया मेरो मन बसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
राम रसिया मेरो मन बसिया,
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
सबरी के बेर सुदामा जी के तंदुल-०२
भाव सहित तूने खायो रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां,
हां रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां।
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मीरा के प्रभु गिरधर नागर-०२
चरण कमल चित लायो रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण-०२
चारों दिशाओं से आओ रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
ऐसा भोग लगाऊं तुम्हें राघव-०२
सब अमृत होइ जाए रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
जो कोई अमृत ये खावे-०२
सोइ अमर होइ जाए रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
सब भक्तों की अर्जी यही है-०२
आकर दरश दिखाओ रसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
राम रसिया मेरो मन बसिया-०२
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०२
राम रसिया मेरो मन बसिया,
रूचि रूचि भोग लगाओ सखियां-०३
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