राम नाम की ज्योति
ना पलक झपकती है, ना शाम ये ढलती है,
ना पलक झपकती है, ना शाम ये ढ़लती है,
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
ना पलक झपकती है, ना शाम ये ढलती है,
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
मन के मंदिर में है राम, तन तो पूरा राम राम,
सारे जग के कण कण में है, पछतावत पूरी का धाम,
मन के मंदिर में है राम, तन तो पूरा राम राम,
सारे जग के कण कण में है, पछतावत पूरी का धाम,
भक्ति की बहती धरा में, हर बाधा टलती है-०२
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
और इस भजन को भी देखें: राम ही प्यास रे
चाहे आंधी आये या, फिर घोर अँधेरा छा जाए,
जिसके ह्रदय में राम बसे, वो इन सबसे ना घबराये,
चाहे आंधी आये या, फिर घोर अँधेरा छा जाए,
जिसके ह्रदय में राम बसे, वो इन सबसे ना घबराये,
विश्वास की लौ से हीं तो, ये दुनिया चलती है-०२
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
दुनिया के इस माया में, सब झूठा एक सवेरा है,
मेरे राम के चरणों में हीं, सांचा रेन बसेरा है,
दुनिया के इस माया में, सब झूठा एक सवेरा है,
मेरे राम के चरणों में हीं, सांचा रेन बसेरा है,
जिसे मिल जाए ये अमृत, उसकी किस्मत पलटी है-०२
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
ना पलक झपकती है, ना शाम ये ढ़लती है,
राम नाम की ज्योति, सुबह शाम जलती है-०२
