जय हनुमान गोसाई कृपा करो महाराज
देहि हरो हनुमान महाप्रभु
जो कछु संकट होये हमारो
कौन सो संकट मोर ग़रीब को
जो तुंसो नही जात है तारो।।
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महाराज।।
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महाराज।।
तन में तुम्हारे शक्ति विराजे
मन भक्ति से भीना
जो जान तुम्हारी शरण में आए
दुख दर्द हरलीना
हनुमत दुख दर्द हरलीना
महावीर प्रभु हम दुखियाना के
तुम हो ग़रीब निवाज़ हनुमत।।
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महाराज।।
रामा लखना वैदेही तुम पर
सदा रहे हरषाए
हृदय चीरके रामा सिया
का दर्शन दिया कराए
हृदय चीरके सारे जाग को
रामा सिया दर्शाए
दो कर जोध अरज हनुमंता
कहीयो प्रभु से आज हनुमत।।
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महाराज।।
राम भजन के तुम रसिया
हनुमंत मंगल करी
हर दिन वंदन करते तेरा
दुनिया के नर नारी
हनुमत दुनिया के नर नारी।।
राम नाम जप के हनुमंता
बने भक्त सरताज
हनुमत बने भक्त सरताज।।
जय जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महाराज।।
