मेरे बजरंग तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं
मेरे बजरंग बाला फेरूँ नित तेरी माला
मेरे लब पे तुम्हारा सदा नाम है
तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं
हो माँ अंजनी के अँखियों के तारे
हम तो जग में हैं तेरे सहारे
दूर हमसे न जाना, प्रीत हमसे निभाना
तेरी भक्ति में खोए सुबह शाम हैं
तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं
हो सालासर में विराजे हो नाथ तुम
थाम लेते हो दुखियों का हाथ तुम
हम पे करुणा लुटा दो, आके दुःखड़े मिटा दो
तेरी भक्ति में सुख आराम है
तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं
हो जबसे थामा है दामन तुम्हारा
सारी दुनिया को हमने बिसारा
दूर हमसे न जाना, प्यार हम पे लुटाना
केवल चरणों में तेरे प्रणाम है
तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं
मेरे बजरंग बाला फेरूँ नित तेरी माला
मेरे लब पे तुम्हारा सदा नाम है
तेरे चरणों में मेरे चारों धाम हैं

