जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी
बोलिये पवनपुत्र हनुमान जी महाराज की- जय !
जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी-०२
जिनकी माला में राम, जिनके भजनों में राम,
जिनकी साँसों,में राम, जिनके नैनों में राम,
जिनकी माला में राम, जिनके भजनों में राम,
जिनकी साँसों,में राम, जिनके नैनों में राम,
अपने रघुवर का हर पल है ध्यान जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी,
जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी।
जिसकी चिंता में राम, जिसके चिंतन में राम,
जिसकी भक्ति में राम, जिसके तन मन में राम,
जिसकी चिंता में राम, जिसके चिंतन में राम,
जिसकी भक्ति में राम, जिसके तन मन में राम,
जिनका सोटा है करता धमाल जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी,
जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी-०२
और इस प्यारा भजन से भी आन्दित हों: जिसके ह्रदय में राम नाम बंद है
कष्ट आये हैं, बाधा आये नहीं,
तेरे भक्तों को संकट सताए नहीं,
कष्ट आये हैं, बाधा आये नहीं,
तेरे भक्तों को संकट सताए नहीं,
जिनके आगे झुके आसमान भी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी,
जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी-०२
नाचे धरती गगन गगन, लागी है ऐसी लगन लगन-०२
ओढ़े सिन्दूरी चोला हैं, सिन्दूरी तन मन,
जिनको पूजे हैं सारा जहान जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी,
जिनकी धड़कन में बसते हैं राम जी, वो हैं वीरों के वीर हनुमान जी-०२
