हनुमान कहे दशमुख से
हनुमान कहे दशमुख से,
क्यों तूने मत तेरी मारी है ॥
हनुमान कहे दशमुख से,
क्यों तूने मत तेरी मारी है ॥
तू पड़ जा चरणों
राम जी सब पर भारी है ॥
मात सिया का हरण किया
तूने किया नीच का काम ॥
चिंता करते मेरे रामजी
पल भर ना आराम ॥
चिंता करते मेरे रामजी
पल भर ना आराम ॥
सुपर्णखा का दिया काट नाक
अब तेरी बारी है ॥
तू पड़ जा चरणों में
राम जी सब पर भारी है ॥
तू पड़ जा चरणों में
राम जी सब पर भारी है ॥
हनुमान कहे दशमुख से,
क्यों तूने मत तेरी मारी है ॥
