मेरे घर भी आओ अंजनी लाला
सालसर में धाम तुम्हारा
मंगल माई है नाम तुम्हारा
भक्तो की विपदा हारने वाले
पवन वेग से उड़ने वाले।।
मेरे घर भी आओ अंजनी लाला
सारे कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
हे भय नाशी शंकट हारी
दुखी जान आए शरण तुम्हारी।।
तुमपे भरोसा है बड़ा हमको
तभी तो दिल से कहते है तुमको
अब ना देर लगाओ अंजनी लाला
सबके कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
मेरे घर भी आओ अंजनी लाला
सारे कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
हे महा योढ़ाया हे महा योगी
हम पर करुणा कब तेरी होगी।।
हे संजीवनी लाने वाले
लखन की जान बचाने वाले
दुख से मुक्त काराव अंजनी लाला
सबके कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
मेरे घर भी आओ अंजनी लाला
सारे कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
अहिरवाँन की गरवा मिटाकर
राम लखन कंधे बिताकर।।
जिस तरह आए हे तुम लेकर
उसी तरह करुणा के हे सागर
हे निर्दोष बचाओ अंजनी लाला
सबके कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।
मेरे घर भी आओ अंजनी लाला
सारे कष्ट मिटाओ अंजनी लाला।।

