कान्हा किस्मत बदल दे
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा-०२
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधेकृष्णा,
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा-०२
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधेकृष्णा।
दुनिया भर को देता है तू,
मुझको हीं क्यों तू तरसाये,
माथ पे मेरे सुखी लकीरें,
क्यों ना कृपा तू बरसाए,
मुझ भटके को, रेन बसर दे,
मुझको भी सुख की एक सहर दे,
दुख मेरे हर ले तू, कान्हा मेरी किस्मत बदल दे,
इतना करम कर दे तू , कान्हा मेरी किस्मत बदल दे,
अब तो पड़ा हूँ मैं तेरे हीं दर पे, खाली पड़ी मेरी झोली तू भर दे,
आज मेरी सुनले लीजे तू, कान्हा मेरी किस्मत बदल दे ,
इतना करम कर दे तू , कान्हा मेरी किस्मत बदल दे-०२
और इस भजन का भी अवलोकन करें : भटकता मन है मोहन
अंगारों पे कबतक मुझको चलते जाना है,
कुछ तो लकीरों में लिख दे जो मुझको पाना है,
अंगारों पे कबतक मुझको चलते जाना है,
कुछ तो लकीरों में लिख दे जो मुझको पाना है,
अब तो गले से नाथ लगा ले, सोयी हुई तक़दीर जगा दे,
अब जादू कर दे तू, कान्हा मेरी किस्मत बदल दे,
इतना करम कर दे तू , कान्हा मेरी किस्मत बदल दे-०२
आया था मैं तेरे दर पे मांगने सब माया,
भा गई तेरी सूरत के कुछ और नहीं भाया,
आया था मैं तेरे दर पे मांगने सब माया,
भा गई तेरी सूरत के कुछ और नहीं भाया,
अब लगता है माया क्या है, जब से तुझसे प्रेम हुआ है,
शरण मुझे रख ले तू, कान्हा मेरी किस्मत बदल दे,
इतना करम कर दे तू , कान्हा मेरी किस्मत बदल दे-०२
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा-०२
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधेकृष्णा,
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा-०२
राधेकृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधेकृष्णा।
