हनुमान के चेहरे से एक नूर टपकता है

  • Hanuman Ke Chehre Par Ek Noor Tapakta Hai

हनुमान के चेहरे से एक नूर टपकता है,
मुखड़े पे सदा इसके एक तेज चमकता है।।

श्री राम की सेवा का परिणाम है बजरंगी
अनहोनी कर देता वो नाम है बजरंगी
दुष्टों की खातिर ये शोले सा दहकता है।।

श्री राम से भक्ति मिली सीता से शक्ति मिली
भक्तों की श्रेणी में इसे पहली पंक्ति मिली
भक्ति रस से इसका हर रोम छलकता है।।

जिसपे खुश हो जाता श्री राम से मिलवाता
उसकी रक्षा खातिर ये काल से भीड़ जाता
हर पल का रखवाला ये कभी ना थकता है।।

इस भक्त शिरोमणि को मैं शीश नवाता हूँ
दिल की एक छोटी सी फरियाद सुनाता हूँ
श्री राम के दरस करा “बिन्नू” ये तरसता है।।

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