तुम अगर द्वार मैया आते रहो काम जो भी हैं बिगड़े सुधर जाएंगे

  • Tum Agar Dwar Maiya Aate Raho Kaam Jo Bhi Hai Bigade Sudhar Jayenge

तुम अगर द्वार मैया आते रहो
काम जो भी हैं बिगड़े, सुधर जाएंगे

जिसमें श्रद्धा और भक्ति के अंकुर नहीं
मैया उनको तो हरगिज़ बुलाती नहीं

प्यार करते नहीं जो दिल-ओ-जान से
मैया बाहों का झूला झुलाती नहीं

एक नज़र भर के माँ ने जो देखा तुम्हें
सारे ग़म एक पल में गुज़र जाएंगे

तुम अगर द्वार मैया आते रहो
काम जो भी हैं बिगड़े, सुधर जाएंगे

सोना चाँदी मैया ने माँगे नहीं
भाव से ही फूल एक चढ़ा दीजिए

फूल भी एक चढ़ाने में मजबूर हो
हाथ चरणों के आगे बढ़ा दीजिए

जो अगर माँ के चरणों में मस्तक धरा
फूल आँखों से निकल कर के बिखर जाएंगे

तुम अगर द्वार मैया आते रहो
काम जो भी हैं बिगड़े, सुधर जाएंगे

जय हो अंबे तुम्हारी खड्ग-धारिणी
जय भवानी, जय दुर्गा, जय ब्रह्मचारिणी

जय हो कौमार्य, कूष्मांडा संहारिणी
काल विकारिणी, बलशाली भव-तारिणी

नाम हृदय से ब्रज-गान लेते रहो
वो अधम, नीच, पापी भी तर जाएंगे

तुम अगर द्वार मैया आते रहो
काम जो भी हैं बिगड़े, सुधर जाएंगे

मिलते-जुलते भजन...