तेरा स्वर्ग तो सोहना में द्वार
तेरा स्वर्ग तो सोहना में द्वार
निराली तेरी शान दातिये
तेरा स्वर्ग तो सोहन मे द्वार
झूले दे ने झंडे जीते मियां सुहे रंग दे
लाल तेरी लाला दिया दाता जीतो मांग दे
भर दीनी ए मुरदा नल झोली तो ऐसी मियां भोली
मैं काड़ा की व्यान दातिये
तेरा स्वर्ग तो सोहना में द्वार
वारी वारी जावा जिहाने भवन सजया बनाया है
फूला कलियां दे नल सोहना मन सजया है
पे अंबरा दा चान शरमावे तेरे ही गन ने टैरिफ ने जहां दातिये दिए
तेरा स्वर्ग तो सोहना में द्वार
ऊचे ने पहाड़ भावे विखाड़े ने पेंडे पा
पोहंच जंदे शाम जाहे दिगड़े ते धातंधे मान
हाथ विच लेके छने थदताला ते पौंडे ने धमाल
बहुत लाल चुन्नी तन दातिये
तेरा स्वर्ग तो सोहना में द्वार
