पर्वत पे मंदिर निराला है धाम मैया का सबसे आला है
पर्वत पे मंदिर निराला है
धाम मैया का सबसे आला है
सब्जी बड़ी बनने को मैया मेरी
पूर्ण गिरी पहाड़ो से चलकर के
भक्तों के घर आएगी।।
मैया की महिमा निराली
भारती है सबकी झोली खली
दर्शन को जो भी है आता
मन चाहा फल वो है पता।।
दक्षिण-एशियाई संगीत
सब्जी बड़ी बनने को मैया मेरी
पूर्ण गिरी पहाड़ो से चलकर
भक्तों के घर आएगी।।
जनकपुर धाम जो भी जाता है
शारदा नदी में वो नहीं है
दर्शन करके मैया का
सारे कश्तो को भूल जाता है।।
सब्जी बड़ी बनने को मैया मेरी
माँ पूर्ण गिरी पहाड़ो से चलकर के
भक्तों के घर आएगी।।
पर्वत पे मंदिर निराला है
धाम मैया का सबसे आला है
सब्जी बड़ी बनने को मैया मेरी
पूर्ण गिरी पहाड़ो से चलकर के
भक्तों के घर आएगी।।

