पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पिंडी रूप में जहा बसे भवानी
पावन गंगा बहे चरणों में
पावन गंगा बहे चरणों में
पाप धुले सब अमृत सा पानी।।
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पिंडी रूप में जहा बसे भवानी।।
जनम जनम के दुखिया रोगी
जनम जनम के दुखिया रोगी
मन की पीरा बस माँ ने ही जानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी ।।
मिलता सभी को वर खुशियों का
मिलता सभी को वर खुशियों का
एक धार फकीरी अलख जगानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी
पर्वत पे एक गुफा सुहानी ।।


