जय जय शेरोवली माँ तूही दुर्गे तूही काली माँ
जय जय शेरोवली माँ
जय जय मेहरावाली माँ
जय जय जोतावाली माँ
जय जय लता वाली माँ ।।
तूही माँ कैला तूही चामुंडा माँ
तूही दुर्गे तूही काली माँ ।।
स्वर्ग से सुंदर भवन तेरा माँ
तेरी हरी बात निराली माँ ।।
जादूगरनी है मेरी मैया
जादू सा है कर देती
देते नही दीखाई देती
पर झोली भर देती।।
मन की मुरादे पाके जाते
लखो रोज सवली माँ ।।
माँ तेरी चौखट पे हुँने
देखा अजब नज़ारा
निर्धन को धनवान
रंक को बनते देखा राजा
देती सबको बिन माँगे सब
मेरी भोली भली माँ।।
दुर्गे बनके दुर्गति हारती
काली बन कल्याण करे
छड़ी बनके चमत्कार माँ
कैला बनके कष्ट हारे
बनके चामुंडा करे चौकसी
तू इतनी बलशाली माँ।।
मैया तेरे भवन पे बाजे
दूं दूं ढोल नगाड़े
लंगूर जोगन ठुमके मारे
भक्त करे जैकारे ।।
चलो रे भक्तो धाम कारोली
भरेगी झोली खाली माँ।।
जय जय शेरोवली माँ
जय जय मेहरावाली माँ
जय जय जोतावाली माँ
जय जय लता वाली माँ ।।
तूही माँ कैला तूही चामुंडा माँ
तूही दुर्गे तूही काली माँ।।
स्वर्ग से सुंदर भवन तेरा माँ
तेरी हरी बात निराली माँ।।
