छठ के बरत
छठ के बरत कई के घाटे चलिनी हो,
दउरा उठाई माथे सब जनी चलिनी हो,
छठ के बरत कई के घाटे चलिनी हो,
दउरा उठाई माथे सब जनी चलिनी हो,
दे के अरघिया जउन मांग मांगिनी,
दे के अरघिया जउन मांग मांगिनी हो,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो,
छठी माई से आपन दुखवा सुना लीन्ही हो,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो।
माई के त महिमा के गुणगान सुनी,
बचपन से माई के बरत के सपना बुनी,
माई के त महिमा के गुणगान सुनी,
बचपन से माई के बरत के सपना बुनी,
असो कोसिया भराई चलीं छठी घाटे,
असो कोसिया भराई चलीं छठी घाटे हो,,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो,
छठी माई से आपन दुखवा सुना लीन्ही हो,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो।
और इसे भी देखें : छठ घाट सुहावन लागेला
छठी घाटे जे केहू जाला ए माई,
ओकरा त दुःख कटि जाला ए माई,
छठी घाटे जे केहू जाला ए माई,
ओकरा त दुःख कटि जाला ए माई,
असो जलवा चढ़ावे चलीं छठी घाटे,
असो जलवा चढ़ावे चलीं छठी घाटे हो,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो,
छठी माई से आपन दुखवा सुना लीन्ही हो,
छठी माई से आपन मनसा पूरा लीन्ही हो।

