चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मैने लिख कर दिल का सब हाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
आके मैया मुझे अब तो संभाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मेरी माँ हो मेरी माँ
मेरी माँ हो मेरी माँ
तुझे क्यो ना याद आती है ज़रा सी भी
आके देख मेरे मुख की उदासी भी
तू है मैया मेरी मैं हू तेरा लाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मैने लिख कर दिल का सब हाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मेरी माँ हो मेरी माँ
मेरी माँ हो मेरी माँ
मेरे अपने ही ताने ये सुनते है
मेरे कानो में ये बाते कह जाते है
नही आएगी मा तू है कंगाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मेरे अश्को की रखलेना लाज माँ
चित्ति मिलते ही आजा मेरे पास माँ
तेरे होते भला किसकी मज़ाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मैने लिख कर दिल का सब हाल
चित्ति भेजी मैयाज़ी के नाम
मेरी माँ हो मेरी माँ
मेरी माँ हो मेरी माँ
जब तू आएगी माँ सबको बताऊंगा
अपने अश्को का मोल मैं चुकाऊंगा
केशव का तू रखले ख़याल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
मैने लिख कर दिल का सब हाल
चिट्ठी भेजी मैयाज़ी के धाम
