इक बार ओढ़ा कर तो देख चुनरी
इक बार ओढ़ा कर तो देख चुनरी
बदलेगी किस्मत की लेख चुनरी।।
हलकी भारी की तू चिंता मिटा दे
जैसी समायी हो वैसी ओढ़ा दे
मैया को कर दे तू भेंट चुनरी
बदलेगी किस्मत की लेख चुनरी।।
देखा है उनको भी चुनरी ओढ़ते
इक वक़्त खाकर जो जीवन बिताते
उनको बना गयी है सेठ चुनरी
बदलेगी किस्मत की लेख चुनरी।।
इक बार ओढ़ा कर तो देख चुनरी
बदलेगी किस्मत की लेख चुनरी।।
