नवरतो में आती है सब के घर में माँ हर शहर में

  • Navrato Mein Aati Hai Sab Ke Ghar Mein Maa Har Shahar Mein

जय जय माँ जय जय माँ
मिल के बोले आज सारा जहा
जय जय माँ जय जय माँ
सारा जहा जय जय जय माँ ।।

झूमे नाचे गये खुशियाँ
मनाए भक्ति में लहर
नवरतो में आती है सब के घर में
माँ हर शहर में
रखती है अपने भक्तो को नज़र में
माँ हर शहर में।।

मिल के बोलो आज सारा यह है जय जय माँ
ऐसा नज़ारा प्यारा मिलेगा अब और कहा।।

झूमे नाचे गये खुशियाँ मनाए
भक्ति में लहर में
नवरतो में आती है सब के घर
में माँ हर शहर में।।

कोई यहाँ नहीं मान जैसा मौका मिले ना ऐसा
जो भी जो माँगे मिले प्यार हो जा पैसा।।

जो मा के दर पे जाए बिन माँगे ही सब पाए
भारती है सब की झोली कोई खाली नहीं आए।।

होके शेर पे सवार छोड़ के आई है बाहर
दर्श मिले बार बार सुबह शाम दोपहर में।।

नवरतो में आती है सब के घर में
माँ हर शहर में।।

रखती है भक्तो को अपनी नज़र में
माँ हर शहर में।।

नवरत में आती है खुशी साथ में लाती है
सब के घर में हर शहर में।।

दुःख हर के ले जाती है सुख भर के वो जाती
जीवन भर में हर शहर में।।

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