तेरे दर पे आए माँ है झुका मेरा सर
तेरे दर पे आए माँ है झुका मेरा सर
तेरे चरणों का पारस जो छू जाएगा
बाह जिसकी भवानी ली तूने पकड़
वो कभी भी कही भी नही हारता
तूने करदी मा जिसपे मेहर की नज़र
उससे दुनिया में कोई नही टलता
तेरे दर पे आए माँ है झुका मेरा सर
तेरे चर्नो का पारस जो छू जाएगा
तेरी कृपा से मा चाँद तारे बने
तेरी रहमत से है ये जमी आस्मा
तेरी ममता की छाव में दुनिया पाले
करदे मुझपे माँ थोड़ी मेहरबानिया
तेरे दर पे आए मा है झुका मेरा सर
तेरे चरणों का पारस जो च्छू जाएगा
