शेरोवली मेरी बिगड़ी बना दो
मैं तेरा लाल हूँ माँ ध्यानू जैसे कर मुझपे भी
तू ममता ठंडी छाव जैसे भी है लाल तेरे है
पल पल करना संभाल
नज़र करम की जो तू करदे
हो जौ मैं खुशहाल।।
शेरोवली मेरी बिगड़ी बना दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
चरणों में अपने मुझको जगह दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
शेरोवली मेरी बिगड़ी बना दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
तुम ना सुनोगी तो किसको सूनाओ
घाव ये दिल के किसको दिखाऊं ।।
होगी कैसे सुनवाई इतना बता दो
झंडे वाली मेरी बिगड़ी बना दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
झंडे वाली मेरी बिगड़ी बना दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
जग की हो जननी दुखियो की वाली
ममता से मेरी भी भरो झोली खाली।।
चाकर राहु बनके मैं मुझे अपना लो
मेहरोवली मेरी बिगड़ी बनडो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
मेहरो वाली मेरी बिगड़ी बना दो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
थाना है हर्ष मान में दर नही छूटे
बस तेरे ही चरणों में ही साँस छूटे।।
दर पे पड़ा हू रखो या ठुकरा दो
अंबे मैया मेरी बिगड़ी बनादो
जन्मो से सोए मेरे भाग्या जगा दो।।
