विंध्याचल मे मेरे चमके सितारे
विंध्याचल मे मेरे चमके सितारे
मेरी मा ने मुझे दिए सुख सारे
इस जाग से मुझको क्या लेना।।
विंध्याचल मे मेरे चमके सितारे
मेरी माँ ने मुझे दिए सुख सारे
जय माँ जय माँ जय माँ ।।
माँ गंगा के तट पे बैठी
आदि शक्ति विंध्या भवानी।।
सारे भक्तो के संकट हारती
संकट हरनी कल्याणी
गूँजे धरती आसमान
जय हो जय हो माँ
मुझे हर दूं चरणों
में रखना मा रखना
विंध्याचल मे मेरे चमके सितारे
मेरी माँ ने मुझे दिए सुख सारे।।
उँचे पर्वत पे बसेरा
माँ अष्ट भुजी महारानी
काली खोव में काली बनके
दुख विपदा मिटाए मैया रानी।।
भक्त आते रात दिन मिले माँ के दर
मेरी मैया के जैसा कोई ना।।
विंध्याचल मे मेरे चमके सितारे
मेरी मा ने मुझे दिए सुख सारे।।
