तू चल के आजा माँ के धाम मोह माया सारी छोड़ दे
तू चल के आजा माँ के धाम
मोह माया सारी छोड़ दे
मैया रानी सबको बुलाए है
जग गोते खाए है तू ना गोते खाए है
अंबे मा ऐसी शक्ति है
तूफ़ा का भी रुख़ मोड़ दे।।
तू चल के आजा मा के धाम
मो माया सारी छोड़ दे।।
मैयाज़ी के रंग में
अपना जीवन तू रंगवाले
मान के मंदिर में सिंहासन तू साजवाले
ज्ञानू श्री धार जैसे ही तू
मा की सेवा पाले
बंधन ये रिश्ते झूठे है
सोचे ना इनको तोड़े।।
तू चल के आजा मा के धाम
मो माया सारी छोड़ दे।।
तेरे अंत समय में जब कोई
रिश्ता साथ ना देगा
मुक्ति को तरसेगा मैया नाम लेगा
रिश्ता जन्मो जन्मो का तू मैया से बनाले।।
हाथो में अंबे रानी के
जीवन की अपनी डोर दे
तू चल के आजा मा के धाम
मो माया सारी छोड़ दे।।
उँचे भवनो वाली मैया
भक्तो की तू सुंले
बच्चो की राहो से मैया
दुख के कांटे चुनले।।
चल के मा के दर पे आजा
ना तू देख पाव के छाले
पैरो के च्चाले चीज़ क्या
टूटी है साँस जोड़ दे।।
तू चल के आजा माँ के धाम
मो माया सारी छोड़ दे।।
मैया रानी सागर पार सबको लगाए
जाग गोते खाए है तू ना गोते खाए है
अंबे मा आएसी शक्ति है
तूफ़ा का भी रुख़ मोड़ दे।।
तू चल के आजा माँ के धाम
मो माया सारी छोड़ दे।।
