राम जी सब पर भारी है
जय श्री राम !
हनुमान कहे दशमुख से क्यों तूने मत तेरी मारी है-०२
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०२
बल बुद्धि का हर दम तूने किया बड़ा अभिमान,
तीनों लोक के स्वामी का तूने किया घोर अपमान,
बल बुद्धि का हर दम तूने किया बड़ा अभिमान ,
तीनों लोक के स्वामी का तूने किया घोर अपमान,
इस दुनिया के प्रभु सियाराम जी पालनहारी है,
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०२
मात सिया का हरण किया तूने किया नीच का काम,
चिंता करते मेरे रामजी पल भर ना आराम,
मात सिया का हरण किया तूने किया नीच का काम,
चिंता करते मेरे रामजी पल भर ना आराम,
सूर्पणखा का दिया नाक काट अब तेरी बारी है,
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०२
बिलख रही माँ सिया राम से मिलने की थी आस,
मैं चाहूँ तो कर दूँ तेरा पल भर में हीं नाश,
बिलख रही माँ सिया राम से मिलने की थी आस,
मैं चाहूँ तो कर दूँ तेरा पल भर में हीं नाश,
श्री राम की आज्ञा पे हमारी पूरी सेना वारी है,
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०२
और इस भजन को भी देखें: शरण आ गया रामजी मैं तुम्हारी
सोच रहा तू बैठ महल में कैसे पाऊं पार,
भोलेनाथ जी स्वयं हीं जपते राम का नाम अपार,
सोच रहा तू बैठ महल में कैसे पाऊं पार,
भोलेनाथ जी स्वयं हीं जपते राम का नाम अपार,
तेरी नादानी का भोग भरे अब लंका सारी है,
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०२
हनुमान कहे दशमुख से क्यों तूने मत तेरी मारी है,
तू पड़ जा चरणों में राम जी सब पर भारी है-०३

