खाटू जो जाकर आई एकली
ओ म्हारी नंदोली म्हारे से नाराज़ हो गई,
खाटू जो जाकर आई एकली,
ओ मैं तो खाटू जो जाकर आई एकली ।।
तर्ज – ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ ।
ओ म्हारे पीहर का के मन में तो खटास हो गई,
खाटू जो जाकर आई एकली,
ओ मैं तो खाटू जो जाकर आई एकली ।।
ओ म्हारे बालम से खरी-खोटी बात हो गई,
खाटू जो जाकर आई एकली,
ओ मैं तो खाटू जो जाकर आई एकली ।।
ओ म्हाने ताणा मारण ने सगला भेड़ा हो गया,
बोल्या क्यूँ मेलो देखी एकली,
अरे तू तो बोल्या क्यूँ मेलो देखी एकली ।।
हो इबके मेले पे सगला ही तैयार रहिजो,
नईं तो मैं ओज्यो जासूं एकली,
अरे मैं भी जावांगा, मत न जाजे एकली,
ओ सुन लियो, नईं तो मैं ओज्यो जासूं एकली,
अरे मैं भी जावांगा, मत न जाजे एकली ।।
