मैं लाख लाख शुकर मनावा सतगुरु

  • main lakh lakh shukar manawa satguru

एंज लगदा ए,एंज लगदा ए,
मेरा साईं आया घर मेरे मंजूर होया मेरा सजदा है,
मैं लाख लाख शुकर मनावा सतगुरु साईं दा,
रज रज शुकराना गावा सतगुरु साईं दा,

मेहर करी मेहरा वाले ने कुल दुनिया दे रखवाले ने,
जो परदे सबदे काज दा है,
मैं लाख लाख शुकर…..

नचदी जावा चुक चुक बावा नचा सब नु नाल नचावा,
आज रज रज जी नही रज दा ऐ,
मैं लाख लाख शुकर……

रहमत दी वरखा बरसे गी,
रूह न कोई हूँ तरसे गी,
बदल कन्कोर गरज दा है,
मैं लाख लाख शुकर…..

क्यों मस्जिद क्यों जावा मंदिर,
जद आया साईं घर अंदर,
दीदार ओहदा मेनू सजदा है,
मैं लाख लाख शुकर…..

सुन साहिल सुन गल संगता दे,
सतगुरु साईं दे भगता दी,
संदेसा दे कोई चज दा ऐ,
मैं लाख लाख शुकर….

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