नज़ाकत छोड़ के

  • najakaat chod ke

नज़ाकत छोड़ के हम तो सरे बाज़ार नाचे गये,
साईं दरबार नाचे गये,

नचने दे मुझे नचने दे बाबा के दवारे मुझे नचने दे,
पाओ में पायल बालो में गजरा आँखों में मेरी कजरा है ॥
सजने दे मुझे सजने दे अरे बाबा के लिए मुझे सजने दे,

मिरदंग बाजे ढोलक बाजे साईं भजन में तबला भाजे,
अरे डेल्ही में मेला लगा है साईं नाथ का,
आओ दीवानों जशने मनाये,
आये है जी आये है मेला घुमन आये है,

फेसला वाही होगा जात और पात का,
आओ दीवानों शिर्डी चले,
डेल्ही में मेला लगा है साईं का….

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