तू साई साई बोल रे

  • tu sai sai bol re

जय जय साई तू बोल जय जय साई,
तू साई साई बोल रे नाम अनमोल रे,
मिलेंगे साई राम मिलेंगे साई श्याम,
हिरदये पट खोल रे नाम अनमोल रे,

शिरडी में आये थे साई बनके एक फ़कीर,
जिसने भी देखा कहलाये अलाये तकदीर,
बैठे नीम की छाँव में साई मेरे साई पीर,
जरा मिल कर बोलो जय हो
जरा जोर से बोलो जय हो,
शिरडी वालो के भाग जगाये जगाये मेरे साई फ़कीर,
है सच्चा साई नाथ समजलो ये पैगाम,
हिरदये पट खोल रे नाम अनमोल रे,

आओ साई कह कर महासा पति ने पुकारा,
बाबा ने अपने इस नाम को स्वीकारा,
मांडपंथ ने साई लीला दुनिया को सुनिया,
जरा मिल कर बोलो जय हो
जरा जोर से बोलो जय हो,
मेरे साई का जादू ऐसा शिरडी में चारो धाम बनाया,
बचन ग्यारा है महान साई ने दिया वरदान,
हिरदये पट खोल रे…….

साई नाथ का पहला मंदिर बना था शिरडी गांव में,
अब तो है बाबा का मंदिर हर शहर हर गांव में,
चारो तरफ है साई का जलवा,
घर घर जले है दीप,
जरा मिल कर बोलो जय हो
जरा जोर से बोलो जय हो,
पूरी दुनिया में धूम मचाये नितिन गाके साई के गीत,
मिलेंगे साई राम मिलेंगे साई श्याम,
हिरदये पट खोल रे नाम अनमोल

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