हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार

  • hum dono ko vo mil jaye jisko jo darkar

तोसे यु मंदिर न छूटे मोसे ये घर बार,
हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार,
अगर तू घर आ जाये तो घर मंदिर बन जाये,

मंदिर तुम्हारा बाबा घर है हमारा,
बदले न मंदिर घर में नियम है तुम्हारा,
पल दो पल दर्शन का बाबा है हमको अधिकार,
अगर तू घर आ जाये….

मंदिर पे तेरे बाबा हक़ न हमारा मगर मेरे घर पे बाबा हक़ है तुम्हारा,
वाह मिले छतर शृंगशान यहाँ मिले परिवार,
हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार,
अगर तू घर आ जाये….

छत्तर सिंगसन बाबा नहीं किसी काम के,
दुनिया में डंके भजते साई के नाम के,
बिन छत्तर सिंगसन के भी रहो गए तुम सरकार,
हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार,
अगर तू घर आ जाये

फर्क क्या पड़े गा तुम्हको इधर और उधर में,
जो बात मंदिर में है वही बात घर में,
यहाँ तुम्हरे चरण पड़े गे वही लगे दरबार,
हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार,
अगर तू घर आ जाये….

घर को जो घर समजो तो बेटा बनालो,
घर को जो मंदिर समजो नौकर बना लो,
बनवारी बस सेवा चाहिए चाहिए तेरा प्यार,
हम दोनों को वो मिल जाये जिसको जो दरकार,
अगर तू घर आ जाये

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