राम रस बरसे
राम राम जय राम राम, जय राम राम जय राम,
राम राम जय राम राम, जय राम राम जय राम,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
तू भी आजा राम शरण में-०२
आ जा आ जा, हरी भजन में-०२
मनवा क्यों तरसे,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
बूंद बूंद में दया राम की, बरसे अम्बर से,
हो बरसे अम्बर से,
बूंद बूंद में दया राम की, बरसे अम्बर से,
मन की प्यार बुझे जन्मों की-०२
अंग अंग हरषे-०२
प्रेम नीर में भींज बावरे-०२
भीतर बाहर से,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
और इस भजन से भी आनंदित हों: मेरे राम सबका भला कीजिये
राम राम जय राम राम, जय राम राम जय राम,
राम राम जय राम राम, जय राम राम जय राम,
जिसने भी इस रस को पाया, खो गया इस रस में,
हाँ खो गया इस रस में,
जिसने भी इस रस को पाया, खो गया इस रस में,
हो जाए वो प्रभु राम का-०२
राम उसी के बस में-०२
देख ले आ के हरी भजन में-०२
प्रेम सुधा बरसे,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
काम क्रोध मद लोभ मोह का, छत्र हटा मन से,
हां छत्र हटा मन से,
काम क्रोध मद लोभ मोह का, छत्र हटा मन से,
फिरता डोले, क्यों मन वन में-०२
पूछे दर दर से-०२
मन मंदिर में राम बसे हैं-०२
क्यों ना चरण परसे,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
तू भी आजा राम शरण में-०२
आ जा आ जा, हरी भजन में-०२
मनवा क्यों तरसे,
राम रस बरसे रे, राम रस बरसे-०२
राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

